उन्नाव। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की है। अपनी धर्म युद्ध शंखनाद यात्रा के दौरान वे बाबा बौद्धेश्वर धाम पहुंचे, जहां उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है और देश के करोड़ों सनातनी चाहते हैं कि सरकार भी इसे औपचारिक रूप से राष्ट्रमाता का दर्जा दे।
शंकराचार्य ने कहा कि योगी और संन्यासी अहिंसा का व्रत लेते हैं और सामान्यतः उनका शासन-सत्ता से कोई सरोकार नहीं होता, लेकिन जब धर्म और संस्कृति के संरक्षण की बात आती है तो संत समाज को आगे आकर समाज को जागरूक करना पड़ता है।
उन्होंने याद दिलाया कि आजादी से पहले कई नेताओं ने गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का वादा किया था, लेकिन स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी यह वादा पूरा नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों सनातनी गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की अपेक्षा रखते हैं, जबकि इसके विपरीत बड़े पैमाने पर गायों की तस्करी और वध की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
शंकराचार्य ने बताया कि उन्होंने सरकार को गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के लिए 40 दिन की समय सीमा दी थी, जो अब पूरी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सनातन समाज की भावनाओं का सम्मान नहीं किया तो देशभर में व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गेरुआ वस्त्रधारी नेतृत्व के शासन में भी संतों का सम्मान सुरक्षित नहीं है और कई स्थानों पर पुलिस द्वारा संतों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं।
लोगों से गोमाता की रक्षा का आह्वान
सफीपुर प्रतिनिधि के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद उन्नाव-हरदोई मार्ग से गुजरते हुए सफीपुर कस्बे में भी रुके, जहां उन्होंने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केवल भाई-बहन कहने से कोई सच्चा भाई नहीं बन जाता, बल्कि वही सच्चा भाई है जो गोमाता की रक्षा के लिए खड़ा हो।
मां शंकरी देवी मंदिर के पास बड़ी संख्या में लोगों ने शंकराचार्य का स्वागत किया। इस अवसर पर मत्स्येंद्र गौड़, सतगुरु प्रसाद मिश्रा, आशीष राठौर सहित कई लोग मौजूद रहे।
शंकराचार्य ने कहा कि गोमाता की रक्षा के इस अभियान में समाज के हर वर्ग का योगदान आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि भविष्य में उसी व्यक्ति को चुनें जो गायों की रक्षा करने का संकल्प ले।
बांगरमऊ में आयोजित कार्यक्रम में चौधरी संजीव सिंह, पप्पू त्रिवेदी, विमल चंद्र शुक्ला और सपा नेता मुन्ना अल्वी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।